Part 2 Majedar Chutkule Series

Majedar Chutkule: पत्नी छोड़ कर भाग गई

वीरू जय से, मैं खुदकुशी करने जा रहा हूँ,
जय – ऐसा क्या हो गया?
वीरू – मेरी पत्नी मुझे छोड़ कर मेरे दोस्त के साथ भाग गई है, और मैं उस दोस्त के बिना नहीं रह सकता।

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Majedar Chutkule: सास, बहू और घर का रिवाज

सास – बहू को डांटते हए, बड़ों से बात करने की तमीज ही नहीं है.
हर वक्त पागलों की तरह चीखती रहती हो,
बहू – सासू मां माफ करना, यह सब कुछ मैंने आपके घर में आकर ही
सीखा है, आप भी तो सारा दिन अपने सास ससुर से तू-तड़ाक करके ही तो बात करती हो, मैंने सोचा कि शायद इस घर के यही रिवाज़ है।

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Majedar Chutkule: मातृभाषा का कालम

बंटी – पापा से, स्कूल का एक फार्म भरते हुए. पापा मातृभाषा (Mother ___Tongue) के कालम में क्या लिखू ?
पापा – लिख दो बहुत लम्बी है।

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Majedar Chutkule: बसन्ती और आग

 बसन्ती – रेखा से, जरा माचिस देना,
रेखा – माचिस तो नहीं है, लेकिन तुझे क्या करना है?
बसन्ती – ‘जरा आग लगानी थी,
रेखा – तू तो हर घर में वैसे ही आग लगाती रहती है. तेरे जैसों को
आग लगाने के लिए माचिस की क्या जरूरत?
था।

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Majedar Chutkule: बिजली का बिल 

बढ़ती मंहगाई से हर आदमी बहुत परेशान है, यहां तक कि लोगों को मरने के बाद भी बिजली के बिल का डर सताता है,

कुछ दिन पहले एक बुजुर्ग रिश्तेदार की रात के समय मौत हो गई, थोड़ी देर के बाद वो बुजुर्ग उठ के बैठ गया, सब लोग बहुत खुश हुए कि दादा जी फिर से जिन्दा हो गये,

तो उस बुजुर्ग ने कहा, मैं जिन्दा नहीं हआ. मैं तो सिर्फ यह कहने के लिये वापिस आया हूँ कि अब आप लोगों ने सारी रात तो यहीं मेरे पास बैठना है, तो घर की बाकी बत्तियाँ तो बंद कर दो, नहीं तो फिर परेशान होते रहोगे कि बिजली का बिल बहुत आ गया।

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