Part 1 Hasi Majak ke chutkule Series

Hasi Majak ke chutkule: तू तो बसन्ती है

वीरू ने घर का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से बसन्ती बोली, कौन है?
वीरू – मैं,
बसन्ती – मैं कौन?
वीरू – तू तो बसन्ती है।

😂😂😂

Hasi Majak ke chutkule: बसन्ती की ड्रैस

बसन्ती अपने लिये बाज़ार से एक ड्रैस लेकर आई तो उसे देखते ही वीरू को गुस्सा आ गया, यह क्या पारदर्शी ड्रैस उठा लाई हो, इसमें तो सब कुछ आर-पार दिखाई देता है।
बसन्ती – आप तो बिल्कुल बुद्ध हो, जब मैं इसे पहन लूँगी तो आर-पार कैसे दिखाई देगा?

😉😉😉

Hasi Majak ke chutkule: सब कुछ चाहिये

वीरू – मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूँ मुझे समझ नहीं आता कि उसे
क्या चाहिये?
जय – मैं भी अपनी पत्नी से परेशान हूँ, क्योंकि उसको सब कुछ चाहिये।

😂😂😂

Hasi Majak ke chutkule: पत्नी की फोटो

पत्नी – तुम मुझे कितना प्यार करते हो. हमेशा मेरी फोटो अपने पास
रखते हो।
पति – मुझे जीवन में जब भी कोई मुसीबत आती है, तो मैं तुम्हारी फोटो
को थोड़ी देर देखता हूँ तो मेरी समस्या खत्म हो जाती है।
पत्नी – खुश होते हुए, क्या मैं सचमुच तुम्हारे लिये इतनी नसीब वाली
पति – वो तो मुझे मालूम नहीं, लेकिन तुम्हारी फोटो देखकर अपने
आपसे यह पूछता हूँ कि क्या इससे बड़ी भी कोई मुसीबत हो सकती है, अगर मैं इसको झेल सकता हूँ तो यह छोटी-सी मुसीबत मेरे सामने क्या है?

😉😉😉😉

Hasi Majak ke chutkule: ठंड में जलेबियाँ

एक आदमी सर्दियों की एक रात में जलेबी लेने गया।
दुकानदार ने ठिठुरते हुए पूछा – भैया, तुम्हारी शादी हो गई है क्या?
वो आदमी गुस्से में बोला – तुम क्या समझ रहे हो, कि मैं अपनी माँ के
कहने पर इतनी ठंड में जलेबियाँ लेने आया हूँ?

🤣🤣🤣🤣